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यूपी में राज्यसभा चुनाव बनी नाक की लड़ाई, कौन किसके साथ? समझें सीटों का समीकरण

source – aajtak.intoday.in

यूपी की 10 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनावों में 11 उम्मीदवार मैदान में हैं. 24 घंटे से भी कम समय मतदान के लिए बचा है. सूबे के मौजूदा विधायकों की संख्या के लिहाज से बीजेपी के 8 और सपा के एक सदस्य की जीत तय है. बीजेपी के 9वें उम्मीदवार के उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है.

सूबे की दसवीं राज्यसभा सीट के लिए बीजेपी के अनिल अग्रवाल और बीएसपी के भीमराव अंबेडकर के बीच मुकाबला है. इस सीट को जीतने के लिए बीजेपी और विपक्ष ने अपनी-अपनी नाक की लड़ाई बना ली है. दोनों एक दूसरे के वोटों में सेंधमारी करने की जद्दोजहद में जुटे हैं. बीजेपी हर हाल में 9वें सीट पर जीत की रणनीति बनाने में जुटी है. दूसरी ओर अखिलेश ने भी बीजेपी की इस हसरत पर पानी फेरने में पूरी ताकत झोंक दी है.

किसे कितने वोटों की जरूरत

दरअसल सूबे की सभी पार्टियां अपना-अपना किला बचाने के लिए डिनर डिप्लोमेसी में जुटी हैं. एक राज्यसभा सीट को जीतने के लिए 37 वोटों की जरूरत है. बीजेपी अपने सहयोगियों के साथ 8 राज्यसभा सीटों पर आसानी से जीत जाएगी. इसके बाद 28 वोट अतरिक्त बचते हैं. ऐसे में 9वीं सीट जीतने के लिए उसे 9 और वोटों की जरूरत पड़ेगी. वहीं सपा की एक सीट जीतने के बाद 10 अतरिक्त वोट बचते हैं जिसे बसपा उम्मीदवार को देने का ऐलान किया है. विपक्ष के लिए दसवीं सीट जीतने के लिए निर्दलीय विधायकों के सहयोग के साथ-साथ अपना कुनबा बचाए रखने की चुनौती है.

डिनर डिप्लोमेसी

राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ओर से दावतों का सियासी दांव भी चला जा रहा है. बुधवार शाम को सीएम योगी आदित्यनाथ और एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अलग-अलग डिनर का आयोजन किया. राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी और प्रमुख विपक्षी दल एसपी असंतुष्ट विधायकों को अपने खेमे में खींचने की कोशिशें कर रहे हैं.

योगी की दावत, 9वें प्रत्याशी के लिए 9 वोट की जरूरत

सीएम योगी आदित्यनाथ की डिनर पार्टी में सपा से बगावत कर बीजेपी का दामन थामने वाले नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल और निर्दलीय विधायक अमन मणि त्रिपाठी शामिल हुए. बीजेपी से नाराज चल रहे ओमप्रकाश राजभर को मना लिया गया है. सीएम योगी के डिनर में ओमप्रकाश राजभर मंच पर मौजूद रहे. हालांकि निषाद पार्टी के एकलौते विधायक विजय मिश्रा ने बीजेपी को वोट देने का ऐलान किया है, लेकिन आज की बैठक में दिखे नहीं. इस तरह बीजेपी तिनका, तिनका जोड़कर अपने 9वें उम्मीदवार अनिल अग्रवाल को जिताने के लिए 9 वोटों की जद्दोजहद में जुटी है.

मायावती की आज विधायकों की बैठक

बीएसपी प्रमुख मायावती ने अपने एकलौते राज्यसभा उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर को जिताने के लिए लखनऊ में डेरा जमा रखा है. बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने आज अपने विधायकों की बैठक बुलाई है. सूत्रों की माने तो बीसएपी को पार्टी में सेंधमारी की आशंका है, इसलिए एक-एक विधायक से मायावती खुद मिलेंगी और उनके मूड को समझेंगी. बीएसपी के पास 19 विधायक हैं. इसी तरह विपक्ष के दम पर मायावती अपने उम्मीदवार को जिताने की उम्मीद लगाए हुई हैं.

अखिलेश की दावत में शिवपाल

उपचुनाव में बीजेपी को पटकनी के देने के बाद अखिलेश यादव अब राज्यसभा में भी करारी मात देने की कोशिश में जुट गए हैं. रूठों को साधने की कवायद में सपा की ये दावत रखी गई थी. भतीजे अखिलेश के न्योते पर चाचा शिवपाल यादव तमाम आशंकाओं और चर्चाओं को गलत साबित करते हुए डिनर में पहुंचे. अखिलेश और शिवपाल के बीच रस्साकसी के बाद ये पहला मौका था जब दोनों चाचा-भतीजे सार्वजनिक मंच पर एक साथ दिखे. डिनर के बाद शिवपाल बाहर आए तो दो टूक कहा, ‘अखिलेश के लिए पहले भी आशीर्वाद था और आगे भी रहेगा.

सपा की दावत में शिवपाल ही नहीं कुंडा के बाहुबली निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने डिनर में पहुंचकर सबको चौंकाया. अखिलेश के पास बैठकर राजा भैया ने संकेत साफ दे दिए हैं कि वो सत्ता के साथ नहीं बल्कि विपक्ष के साथ हैं.

सपा के ये विधायक नदारद

गौरतलब है कि अखिलेश ने बुधवार को पहले दिन में पार्टी मुख्यालय में विधायकों के साथ बैठक की थी. सुबह की बैठक में पार्टी के 7 विधायक गैरहाजिर रहे थे. लेकिन बाद में सुभाष पासी, शिवपाल यादव तो डिनर पार्टी में शामिल हुए हैं. जबकि कल्पनाथ, मो. आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम सहित 6 विधायक डिनर में भी नहीं दिखे.

बीजेपी के वोटों का ये है गणित

बीजेपी ने अपने 9वें उम्मीदवार को जिताने के लिए अमन मणि, नितिन अग्रवाल के साथ-साथ विजय मिश्रा के वोटों के साथ अपना आंकड़ा 31 कर लिया है. इसके बाद सपा के फिरोजबाद से विधायक हरिओम यादव जेल जेल में हैं, जिनका वोट भी बीजेपी को मिलना तय है. इसके अलावा सपा के जो विधायक दावत में बुधवार को शामिल नहीं हुए उन पर भी पार्टी की निगाहें है. इस तरह बीजेपी अपने 9वें उम्मीदवार की जीत के लिए वोटों की व्यवस्था में जुटी है.

विपक्ष के वोटों का गणित

सपा के मौजूदा विधायकों की संख्या के लिहाज से एक सीट की जीत तय है. एसपी, कांग्रेस और आरएलडी बीएसपी उम्मीदवार को समर्थन कर रही है. सपा के एक सीट की जीत के बाद 10 वोट अतरिक्त है, जिसमें दो वोट बीजेपी को मिलना तय है, ऐसे में 8 बचते हैं. बसपा के पास 19 विधायक और 1 निर्दलीय और 7 कांग्रेस मिलाकर 35 विधायक होते हैं. रघुराज प्रताप समर्थन करते हैं तो उनका और उनके साथी विनोद सरोज का मिलाकर 37 का आकड़ा पहुंचता है. लेकिन अगर सपा के जो 6 विधायक डिनर में नदारद थे उनमें बीजेपी सेंधमारी करती है तो विपक्ष की एकजुटता के बावजूद जीत की राह मुश्किलभरी हो जाएगी.

source – aajtak.intoday.in

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