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3 बार जवानों की गोलियों से बचा, आज आतंकी जहूर का काम तमाम

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source – aajtak.intoday.in

सेना के जवान औरंगजेब की हत्या में शामिल जहूर ठोकर को पुलवामा में मार गिराया गया. वह पिछले साल जुलाई में टेरिटोरियल आर्मी से हथियार लेकर फरार हुआ था.

जम्मू कश्मीर में शनिवार को सुरक्षाबलों को सबसे बड़ी कामयाबी मिली. हिज्बुल के प्रमुख कमांडर जहूर अहमद ठोकर को उसके दो आतंकियों के साथ मार गिराया गया. ठोकर पुलवामा जिले का रहने वाला था और पिछले साल जुलाई में 173 टेरिटोरियल आर्मी से हथियार लेकर भाग कर हिज्बुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था. इसके बाद ही लगातार सेना और सुरक्षा बल उसकी तलाश में जुटे थे.

कई आतंकी वारदातों को दिया अंजाम

पिछले डेढ़ साल से जम्मू कश्मीर में सक्रिय होकर ठोकर ने कई आतंकी वारदातों को अंजाम दिया था, जिसमें करीब 4 सुरक्षाकर्मियों की जान गई थी. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, पिछले डेढ़ साल के दौरान जहूर ठोकर तीन बार अलग-अलग मुठभेड़ों में बचकर निकलने में कामयाब रहा. शुक्रवार रात सुरक्षाबलों को खबर मिली थी कि ठोकर पुलवामा जिले के पास शिरडी गांव में छिपा हुआ है तो रात में ही गांव की घेराबंदी शुरू कर दी गई और सुबह होते होते जहूर ठोकर को दो साथियों के साथ मार गिराया गया. इस मुठभेड़ में सेना का एक जवान भी शहीद हुआ, जबकि 2 अन्य घायल हुए.

पुलवामा में तनाव

मुठभेड़ के बाद पुलवामा जिले के कई इलाकों में तनाव का माहौल है. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों में एक नागरिक की मौत भी हुई है, जबकि दर्जन से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल है. पुलवामा जिले में प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी है और कुछ इलाकों में आवाजाही पर रोक भी लगा दी गई है.

औरंगजेब की हत्या में था शामिल

जम्मू कश्मीर में पिछले साल मारे गए सेना के जवान औरंगजेब की हत्या में भी सुरक्षा बलों को जहूर ठोकर की तलाश थी. माना जा रहा है कि औरंगज़ेब के अपहरण और हत्या में जरूर ठोकर का ही हाथ था.

source – aajtak.intoday.in

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