You are here
Home > Politics > हर दिन जवान शहीद होते हैं, सिद्धू को पाक सेना प्रमुख को गले लगाने से पहले ये सोचना चाहिए था: अमरिंदर सिंह

हर दिन जवान शहीद होते हैं, सिद्धू को पाक सेना प्रमुख को गले लगाने से पहले ये सोचना चाहिए था: अमरिंदर सिंह

source bhaskar.com

इमरान खान के शपथ ग्रहण में नवजोत सिंह सिद्धू के पाक सेना प्रमुख से गले मिलने को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने गलत ठहराया। उन्होंने रविवार को कहा, ‘हर रोज हमारे जवान शहीद हो रहे हैं, कुछ महीने पहले ही मेरी रेजिमेंट के एक मेजर समेत तीन जवान शहीद हो गए। जिसके आदेश पर ये सब हो रहा है, उसे गले लगाने से पहले उन्हें (सिद्धू को) सोचना चाहिए था।’ उधर, सिद्धू ने कहा कि वह पाकिस्तान में नफरत की आग ठंडी करने गए थे। भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए सिद्धू अमरिंदर सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।

अमरिंदर सिंह ने कहा, “एक खिलाड़ी के रूप में इमरान के शपथ ग्रहण में शामिल होने में कोई बुराई नहीं है। उन्हें पीओके के कथित राष्ट्रपति मसूद खान के पास बैठाया गया, शायद सिद्धू उन्हें नहीं जानते हों। अगर ये कहें कि वे पाक सेना प्रमुख जनरल बाजवा को नहीं जानते थे, तो वर्दी में उनका नाम लिखा होगा। सिद्धू का इस तरह जनरल बाजवा के लिए स्नेह दिखाना गलत है।”

सिद्धू ने दी सफाई : सिद्धू रविवार को वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत लौटे। इस दौरान जनरल बाजवा से गले मिलने को लेकर उन्होंने कहा, “अगर कोई व्यक्ति आकर कहता है कि हम एक ही संस्कृति के हैं तो हम क्या करेंगे?” वहीं, पीओके नेता के पास बैठने पर कहा, “अगर कहीं हमें बुलाया जाता है तो जहां कहा जाता है वहीं, बैठना पड़ता है। मैं पहले कहीं और बैठा था लेकिन बाद मैं मुझसे उनके पास बैठने को कहा गया।” सिद्धू ने यह भी कहा कि पाक सेना प्रमुख ने गुरु नानकदेव जी के 550वें गुरु पर्व के मौके पर करतारपुर कॉरिडोर खोलने की बात कही थी, इसी बात पर वे उनके गले लगे थे।

भाजपा ने उठाए थे सवाल : भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सिद्धू के इस दौरे पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, “सिद्धू को पहले पीओके के कथित राष्ट्रपति मसूद खान से अलग बैठाया गया था। लेकिन बाद में मसूद खान को आगे बैठाया गया। सिद्धू को इस पर आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी। उन्होंने ऐसा नहीं किया। वे पाक के सेना प्रमुख जनरल बाजवा से गले लगे। सब को पता है कि बाजवा भारत में होने वाली जवानों की शहादत के लिए जिम्मेदार हैं। यहां आतंकी हमलों में नागरिकों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं। क्या आप को ये याद नहीं आया?

source bhaskar.com

Leave a Reply

Top