You are here
Home > News > प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनने की संभावना पर गडकरी ने दिया जवाब

प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनने की संभावना पर गडकरी ने दिया जवाब

source – jagran.com

आगामी 2019 लोकसभा चुनाव में जिस तरह से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का नाम प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनने की संभावना के रूप में सामने आया, उसपर गडकरी का जवाब भी सामने आ गया है। नरेंद्र मोदी की जगह 2019 चुनावों में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनने की संभावना के प्रश्न के जवाब में गडकरी ने कहा, ‘इसका कोई सवाल ही नहीं उठता है, मैं अभी जहां हूं वहां बहुत खुश हूं।’

दरअसल, महाराष्ट्र की एक संख्या के मुखिया ने संघ को पत्र लिखकर गडकरी को 2019 में भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग की थी, जिसने यह सवाल खड़े कर दिए थे कि क्या गडकरी 2019 लोकसभा चुनाव में पीएम की रेस में शामिल हैं? हालांकि गडकरी के जवाब में बाद सब साफ हो गया है।

‘मैं जहां हूं, उस काम से बेहद खुश हूं’

समाचार एजेंसी एएनआइ को दिए इंटरव्यू में गडकरी ने कहा, ‘मैं जहां हूं, उस काम से बेहद खुश हूं। मुझे पहले गंगा का काम पूरा करना है, 13-14 देशों को जोड़ने वाले एक्सप्रेस हाईवे एक्सेस कंट्रोल के निर्माण और चार धाम के लिए सड़क बनाने का काम पूरा करना है। इसके अलावा अन्य कई काम भी पूरे करने हैं। मैं इन सभी कार्यों से बेहद खुश हूं और इन्हें पूरा करना चाहता हूं।’

पूर्वोत्तर के विकास पर कहा

वहीं, पूर्वोत्तर के विकास और वहां चल रहे कार्यों के बारे में बात करते हुए गडकरी ने कहा कि पिछली सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों की अनदेखी की है, यहां के विकास को नकारा गया, लेकिन हम लगातार पूर्वोत्तर राज्य के विकास के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया, ‘अरुणाचल प्रदेश में 4000 करोड़ रुपए का सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, यहां सड़क नहीं होने की वजह से गरीबी और बेरोजगारी है, लेकिन एक बार जब सड़क का निर्माण हो जाएगा तो यहां रोजगार का सृजन होगा।’

‘गठबंधन कभी खुशी से नहीं होता’

इस बीच गडकरी ने चुनाव पूर्व और चुनाव बाद पार्टियों के बीच होने वाले गठबंधन पर भी बात की। उन्होंने कहा ‘राजनीति समझौतों और सीमाओं का खेल है। जब किसी पार्टी को लगता है कि वह सामने वाली पार्टी को पराजित नहीं कर सकती है, तो वे गठबंधन कर लेते हैं। कोई भी गठबंधन खुशी से नहीं होता है, मजबूरी में ऐसा करना पड़ जाता है। यह मोदी जी और भाजपा का डर है कि वे पार्टियां जो एक-दूसरे को नापंसद करती थीं, वे आज गले लग रही हैं।’

पार्टी नेताओं के विवादित बयानों पर कहा

भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा आपत्तिजनक/विवाद खड़े करने वाले बयान देने के मामले पर भी गडकरी ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा, ‘केवल पार्टी प्रवक्ता को पार्टी की ओर से आधिकारिक रूप से बात करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन पार्टी में कुछ ऐसे लोग हैं, वे जब मीडिया से बात करते हैं कोई न कोई विवाद खड़ा कर देते हैं। किसी को भी ऐसी बातें नहीं बोलनी चाहिए जो विवाद का कारण बनती हैं। यह पार्टी की छवि को प्रभावित करता है।’

source – jagran.com

Leave a Reply

Top