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भाजपा सांसद बोले, दुष्‍कर्म के दोषियों को सरेआम दी जाए फांसी या मार दी जाए गोली

source – jagran.com

देश में दुष्‍कर्म के दो बड़े मामलों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इनमें से एक उत्‍तर प्रदेश के उन्‍नाव और दूसरा जम्‍मू-कश्‍मीर के कठुवा का मामला है। इन दोनों दुष्‍कर्म के मामलों पर जमकर राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को इन दुष्‍कर्म के मामलों पर मोदी सरकार को घेरने के लिए इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकाला। हालांकि भाजपा नेता भी दुष्‍कर्म के आरोपियों को सख्‍त से सख्‍त सजा देने की बात कर रहे हैं। असम से भाजपा सांसद आरपी शर्मा ने तो दोषियों के लिए फांसी की मांग कर दी है। वहीं केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने भी नाबालिग से दुष्‍कर्म के मामले में फांसी की सजा देने की बात कही है।

आरपी शर्मा ने कहा, ‘दुष्‍कर्म के दोषियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई नरमी नहीं बरतनी चाहिए। ऐसे दोषियों को आम जनता के सामने फांसी पर लटका देना चाहिए या फिर सरेआम गोली मार देनी चाहिए। अगर कोई भाजपा नेता भी दुष्‍कर्म का दोषी पाया जाता है, तो उसे भी जनता के सामने मौत देनी चाहिए।

इधर केंद्रीय महिला व बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी शुक्रवार को चंदौली जिले में एक दिवसीय समीक्षा बैठक में प्रतिभाग करने पहुंचीं थीं। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्‍होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ गैंगरेप निंदनीय घटना है। देश के किसी भी कोने में 12 साल या इससे कम आयु की बच्ची के साथ ऐसी शर्मनाक घटना होती है तो पाक्सो एक्ट के बजाय सीधे मौत की सजा का प्रावधान हो। सरकार के समक्ष वह स्वयं ये प्रस्ताव रखेंगी। उन्नाव काड पर कहा कि प्रदेश व केंद्र सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है। इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामले में सरकार को कठघरे में खड़ा करना गलत है।

उन्‍नाव मामले में उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ भी सख्‍त नजर आ रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि मामले की जांच सीबीआइ को सौंप दी गई है। मुझे लगता है कि सीबीआइ विधायक को गिरफ्तार भी कर चुकी होगी। हमारी सरकार इस मामले पर समझौता नहीं करेगी, यह मायने नहीं रखता कि आरोपी कितना प्रभावशाली है, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

बता दें कि उन्नाव मामले में इलाहाबाद हाइकोर्ट ने 2 मई तक प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी, कोर्ट ने कहा कि (आरोपी) विधायक को सिर्फ हिरासत में नहीं लेना चाहिए, बल्कि उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए।

source – jagran.com

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