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नाबालिगों के साथ दुष्कर्म करने वालों को मिलेगी फांसी : महबूबा

source jagran.com

जम्मू संभाग के कठुआ जिले की हीरानगर तहसील के रसाना गांव में आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले को राजनीतिक रंग लेते देखकर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पीडि़ता के परिवार के साथ इंसाफ होगा और अपराधियों को कठोर दंड मिलेगा। महबूबा ने कहा कि हम नाबालिगों के साथ दुष्कर्म करने वालों के लिए फांसी को यकीनी बनाने वाला कानून भी जल्द ही लाएंगे।

महबूबा ने यह बात ट्वीट पर कही। उन्होंने लिखा कि बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामले में इंसाफ में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी। कुछ लोगों के एक समूह के गैर जिम्मेदाराना कार्याें और बयानों से कानून के रास्ते में कोई अड़चन नहीं आएगी। उचित कार्रवाई की जा रही है और मामले में तेजी से जांच आगे बढ़ रही है।उन्होंने अपने एक अन्य ट्वीट में कहा कि मैं पूरे राष्ट्र को आश्वस्त करती हूं कि न सिर्फ बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए संकल्पबद्ध हूं बल्कि इंसानियत को शर्मसार कर देने वाले इस घिनौने अपराध में लिप्त लोगों के लिए कठोर दंड भी दिलाउंगी, जो सबके लिए सबक होगा।

महबूबा ने राज्य में ऐसे अपराधों विशेषकर नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के मामलों में लिप्त लोगों के लिए फांसी की सजा को यकीनी बनाने के लिए एक कानून बनाए जाने का संकेत देते हुए ट्वीट किया कि हम दोबारा किसी अन्य बच्ची को ऐसे हालात का शिकार नहीं होने देंगे। हम एक ऐसा कानून लाएंगे जो नाबालिगों से दुष्कर्म में लिप्त लोगों के लिए फांसी की सजा को यकीनी बनाए, ताकि मासूम बच्ची का यह मामला अंतिम साबित हो।आरोपित सांझी राम की बेटी व बहन भी अनशन पर बैठीं

रसाना मामले में वीरवार को मुख्य आरोपित सांझी राम की बहन त्रिशला और बेटी मधु भी अनशन पर बैठीं। गांव कूटा में क्षेत्र की महिलाएं सीबीआइ जांच की मांग को लेकर 13 दिन से अनशन पर हैं। प्रतिदिन दो महिलाएं अनशन पर बैठ रही हैं। मुख्य आरोपित सांझी राम की बेटी मधु का कहना है कि उनके पिता पूरी तरह से निर्दोष हैं। इससे पहले चंचला और सुमन 24 घंटे अनशन में बैठीं। भागमल खजूरिया ने बताया कि उनका आंदोलन इंसाफ मिलने तक जारी रहेगा।

वहीं रसाना मामले की सीबीआइ जांच, जम्मू से रो¨हग्याओं को बाहर करने एवं गुज्जरों को सरकारी भूमि पर बसाने के सरकारी आदेश के खिलाफ बार एसोसिएशन की सातवें दिन भी काम ठप कर हड़ताल जारी रही। बार एसोसिएशन का कहना है कि जम्मू बार एसोसिएशन के आह्वान पर उनकी हड़ताल जारी है। बार के प्रधान कीर्ति भूषण का कहना है कि रसाना मामले में सरकार सीबीआइ जांच न कराकर जम्मू के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। सभी लोग मामले की सीबीआइ जांच कराकर बच्ची की हत्या के मामले में दोषियों को सजा देने की मांग कर रहे हैं।

बच्ची के परिवार के रसाना गांव छोड़ने की चर्चा

रसाना में आठ वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले को लेकर जारी तनावपूर्ण माहौल के बीच वीरवार देर शाम को पीडि़त परिवार के गांव छोड़कर चले जाने की चर्चा है। हालांकि स्थानीय लोगों के अनुसार, पीडि़त परिवार हर साल की तरह पहाड़ी क्षेत्र में शिफ्ट हुआ है।

लोगों के अनुसार, गुज्जर बक्करवाल समुदाय के लोग मार्च-अप्रैल माह में गर्मियों में हर वर्ष मवेशियों को लेकर पहाड़ों की ओर चले जाते हैं, क्योंकि मैदानी इलाकों में चारे की कमी आ जाती है और सर्दियों में पहाड़ों पर बर्फ गिरने से मैदानों में आ जाते हैं। ऐसा सिर्फ पीडि़त परिवार ही नहीं बल्कि अन्य गांव में बसे परिवार भी करते हैं। स्थानीय निवासी भागमल खजूरिया ने कहा कि पीडि़त परिवार का हर साल की तरह इस बार भी पहाड़ों की ओर चले जाने पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

source jagran.com

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