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पाकिस्तान से लौटे हामिद अंसारी ने बताई आपबीती, आंखों से बह निकले आंसू

source jagran.com

पाकिस्तानी जेल में छह साल बिताकर स्वदेश लौटे सॉफ्टवेयर इंजीनियर हामिद निहाल अंसारी (33) ने बुधवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। इस दौरान बेहद भावुक हो गए हामिद ने रिहाई के लिए किए गए प्रयासों को लेकर सुषमा स्वराज और उनके मंत्रलय को धन्यवाद दिया। विदेश मंत्री को आपबीती बताते-बताते उसकी आंखों से आंसू भी बह निकले।

अपनी मां फौजिया अंसारी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ विदेश मंत्री से मिलने पहुंचे हामिद ने उनसे कहा, ‘कृपया मुझे माफ कर दीजिए.. आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।’ इस पर सुषमा ने उसे गले लगा लिया और पीठ थपथपाई। निजी तौर पर भी हामिद के मामले की निगरानी कर रहीं सुषमा ने उससे कहा कि भाग्य उसे उस देश में ले गया था। उन्होंने कहा, ‘आप बहुत साहसी हो.. आपको माफी नहीं मांगनी चाहिए।’

हामिद की मां फौजिया ने भी पाकिस्तान में कानूनी लड़ाई लड़ने में उनके परिवार को हर तरह की मदद देने के लिए सुषमा और उनके मंत्रलय को धन्यवाद दिया। भावुक फौजिया ने सुषमा को गले लगाते हुए कहा, ‘मेरा भारत महान, मेरी मैडम (सुषमा स्वराज) महान।’ इससे पहले दिल्ली पहुंचने पर हामिद का कहना था, ‘घर लौटकर मुङो वास्तव में बहुत अच्छा लग रहा है। मैं इस समय काफी भावुक हूं।’

ये है अंसारी की आपबीती
हामिद ने बताया, ‘मैं उस लड़की से सोशल मीडिया के जरिए मिला। धीरे-धीरे बात बढ़ी तो हमारे दिल में एक-दूसरे के लिए भावनाएं जाग गईं। इसी दौरान लड़की के घर पर कोई दुर्घटना हुई और उसे शादी के लिए मजबूर किया जाने लगा। उसने मुझसे मदद मांगी, वह मुझसे शादी करना चाहती थीं। मैंने भी मदद करने की ठानी और पाकिस्तान में वीजा के लिए आवेदन किया। लेकिन हाईकमीशन ने कहा कि उन्हें गृह मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिल रही है।’

हामिद आगे बताते हैं, “मैं वीजा पाने के लिए जुटा था और उधर लड़की की शादी की तैयारियां हो रही थीं। फिर मैंने एक अन्य शख्स की मदद लेने की सोची। यह भी पाकिस्तान से ही था और इससे भी मैं ऑनलाइन ही मिला था। उसने मुझे अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान में दाखिल होने का रास्ता सुझाया और इसके लिए मुझे नकली दस्तावेज भी दिए। मैं लड़की को लेकर भावुक था तो मैंने उसका बताया तरीका आजमाने की सोची।

अफगानिस्तान से पहुंचा पाक
हामिद कहते हैं, ‘मैं अफगानिस्तान के तुरखम बॉर्डर के रास्ते पेशावर पहुंचा। यहां उस पाकिस्तानी लड़के ने मुझे नकली दस्तावेज दिए। बाद में पुलिस ने मुझे नकली दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार कर लिया। तब मुजे अहसास हुआ कि ये उस लड़के का बिछाया जाल था। पुलिस ने मुझे खुफिया एजेंसियों को सौंप दिया। खुफिया एजेंसियां मुझे अज्ञात जगह ले गईं और पूछताछ करने लगीं। मैंने अपनी पूरी कहानी उन्हें बताई। लड़की ने एजेंसियों से पूछताछ में मुझसे रिश्ते की बात कबूली।

अंडरग्राउंड सेल में बीते तीन साल
हामिद कहते हैं, ‘लड़की के इकबालिया बयान के बाद पुलिस ने मुझे पेशावर शिफ्ट कर दिया। यहां मैंने अंडरग्राउंड सेल में करीब तीन साल बिताए। मुझे नहीं पता था कि कब सूरज उगता था और कब रात हो जाती। 24 घंटे में बस एक बार वॉशरूम ले जाया जाता। खान भी सिर्फ इतना दिया जाता कि जिंदा रह सकूं। यहां तक की महीना-महीना भर नहाने नहीं दिया जाता था। कई बार तो मैं कई दिन तक भूखा रहा। गर्मियों में नहाने भी नहीं दिया जाता था। इतनी सख्ती से पूछताछ होती थी कि मैं बेहोश हो जाता था।”

अब कहां है ‘वो लड़की’?
ये पूछने पर कि अब वो लड़की कहां है? तो हामिद कहते हैं, ‘मेरे वकील ने मुझे बताया कि उस लड़की की शादी हो चुकी है। उसका अपना परिवार है। हामिद कहते हैं कि वो जहां भी है उसकी खुशहाली की ही दुआ मांगता हूं।’ हामिद अब खुद नए सिरे से जिंदगी शुरू करना चाहते हैं।

अब तक कहां थे हामिद?
मुंबई निवासी हामिद बाघा-अटारी सीमा पार करके मंगलवार को ही स्वदेश लौटा है। 15 दिसंबर, 2015 को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने उसे तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। तभी से वह पेशावर सेंट्रल जेल में बंद था। हामिद तक राजनयिक पहुंच के लिए भारत ने पाकिस्तान को 96 अनुरोध पत्र भेजे थे।

हामिद को अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान में गैरकानूनी रूप से घुसने के आरोप में 2012 में गिरफ्तार किया गया था। वह वहां कथित रूप से अपनी ऑनलाइन गर्लफ्रेंड से मिलने गया था। हामिद की सजा 15 दिसंबर को ही पूरी हो गई थी, लेकिन उसके कानूनी दस्तावेज तैयार नहीं होने की वजह से वह भारत नहीं लौट सकता था। पिछले गुरुवार को पेशावर हाई कोर्ट ने उसे वापस भेजने के लिए पाकिस्तान सरकार को एक माह का समय दिया था।

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