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आप ने कुमार विश्वास को राजस्थान प्रभारी पद से हटाया, आशुतोष ने कहा- पार्टी को नहीं दे पा रहे थे वक्त

source – bhaskar.com

अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) नेतृत्व पर लगातार सवाल उठाने वाले डॉ. कुमार विश्वास को पार्टी के राजस्थान प्रभारी पद से हटा दिया गया। आप प्रवक्ता आशुतोष ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्वास अपनी व्यवस्तताओं के चलते पार्टी को समय नहीं दे पा रहे थे।

कुमार को हटाने का फैसला पार्टी की पीएसी का : आशुतोष

– आशुतोष ने बताया कि कुमार विश्वास को राजस्थान प्रभारी के पद से हटाने का फैसला पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी (पीएसी) ने लिया है।
– आशुतोष ने कहा, “कुमार विश्वास अपनी व्यस्तताओं के चलते राजस्थान में पार्टी को समय नहीं दे पा रहे थे इसलिए उन्हें पद से हटाने का फैसला लिया गया है। उनकी जगह आप के कोषाध्यक्ष दीपक वाजपेयी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। दीपक बहुत दिनों से जयपुर में ही घर लेकर रह रहे हैं। वह वहां की स्थिति रिपोर्ट भेजते रहते हैं।”

कुमार ने कविता के जरिए जतायी नाराजगी

कुमार विश्वास ने पार्टी के राजस्थान प्रभारी पद से हटाए जाने की नाराजगी कविता के जरिये जाहिर की है। इससे पहले उन्होंने जनवरी में राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने पर भी यही कविता ट्वीट कर पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा था।

यह कविता ट्वीट की:

तुम निकले थे लेने “स्वराज” सूरज की सुर्ख़ गवाही में,
पर आज स्वयं टिमाटिमा रहे जुगनू की नौकरशाही में,
सब साथ लड़े,सब उत्सुक थे तुमको आसन तक लाने में,
कुछ सफल हुए “निर्वीय” तुम्हें यह राजनीति समझाने में,
इन “आत्मप्रवंचित बौनों” का, दरबार बना कर क्या पाया?

राज्यसभा टिकट ना मिलने से थे नाराज

– आप ने जनवरी में नारायण दास गुप्ता और सुशील गुप्ता को राज्यसभा का टिकट देने का ऐलान किया था। इसके बाद से ही कुमार विश्वास खुलकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विरोध में आ गए।
– टिकट की घोषणा होते ही कुमार ने कहा था, “सर्जिकल स्ट्राइक, टिकट वितरण में गड़बड़ी, जेएनयू समेत अन्य मुद्दों पर सच बोलने के लिए मुझे दंडित किया गया है। मैं यह दंड स्वीकार करता हूं। इसके बाद कुमार लगातार आप संयोजक केजरीवाल पर हमलावर रहे।”

– मानहानि मामले में हाल ही में अरुण जेटली से केजरीवाल के माफी मांगने पर भी कुमार विश्वास ने विरोध किया था। उन्होंने इसे पार्टी कार्यकर्ताओं का अपमान बताया था।
– कुमार ने ट्वीट कर कहा था कि अन्ना अांदाेलन के समय खुद पर लगे मानहानि केसों को लड़ने के अपने काम को समय नहीं दे पा रहे हैं। उन्हें पार्टी की लीगल सेल से भी कोई मदद नहीं मिल रही है। वे निजी खर्चे पर इन मुकदमों को लड़ रहे हैं।
– मई 2017 में राजस्थान प्रभारी पद पर उनकी नियुक्ति को लेकर भी विवाद हुआ था। हालांकि कुमार के नेतृत्व में राजस्थान छात्र संघ चुनावों में पार्टी ने बड़ी सफलता हासिल की थी। राज्यसभा टिकट आवंटन के बाद तो कुमार ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया था।

source – bhaskar.com

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